शाला प्रवेश उत्सव के बीच, स्कूली बच्चों का सिगरेट पीते दिखना चिंता का विषय

शाला प्रवेश उत्सव के बीच, स्कूली बच्चों का सिगरेट पीते दिखना चिंता का विषय
कोरबा, छत्तीसगढ़: एक ओर जहां पूरे प्रदेश में “शाला प्रवेश उत्सव” की धूम मची हुई है और बच्चे उत्साह के साथ नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश कर रहे हैं, वहीं कोरबा से एक बेहद unsettling तस्वीर सामने आई है. सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के तीन स्कूली छात्र अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में सरेआम सिगरेट के कश लगाते हुए देखे गए. यह घटना युवा पीढ़ी में बढ़ती अनुशासनहीनता और व्यसन की ओर झुकाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है.
यह नजारा तब और भी troubling हो जाता है जब बच्चे स्कूल ड्रेस में होते हैं, जो शिक्षा और अनुशासन का प्रतीक है. ऐसा प्रतीत होता है कि इन छात्रों में न तो अपने गुरुजनों का कोई डर है और न ही अपने माता-पिता का कोई भय. यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि कहीं न कहीं बच्चों की निगरानी और उन्हें सही दिशा देने में कमी आ रही है.
यह घटना सिर्फ इन तीन बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा करती है. हमारी युवा पीढ़ी आखिर किस दिशा में जा रही है? क्या कारण है कि इतनी कम उम्र में ही बच्चे नशे की लत का शिकार हो रहे हैं? यह समय है जब अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को मिलकर इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना होगा और इसके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने होंगे. बच्चों को सही संस्कार देना, उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना और उनके लिए एक सुरक्षित व सकारात्मक वातावरण तैयार करना हम सभी की जिम्मेदारी है.