#छत्तीसगढ़ #राजनीति

बागेश्वर धाम महाराज की शरण में सरोज पांडे, स्वागत गेट पर लगे पोस्टर… विकास के विजन पर इनके ढोल में पोल हिंदुओं को साधना है टारगेट!

बागेश्वर धाम महाराज की शरण में सरोज पांडे, स्वागत गेट पर लगे पोस्टर… विकास के विजन पर इनके ढोल में पोल हिंदुओं को साधना है टारगेट!

कोरिया। हिंदुत्व भाजपाइयों का प्रमुख एजेंडा है। यह बात अब किसी से छिपी नही है। जाहिर सी बात है हिंदू वोटर्स के धुव्रीकरण का प्रयास जबरदस्त तरीके से चल रहा है। भाजपा नेता, कांग्रेस पर आरोप लगाते हैं कि वह मुसलमानों के वोट हथियाना के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं… अगर वह तुष्टीकरण करते हैं, तो फिर ये क्या है?

26 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के तीन जिले कांकेर, महासमुंद और राजनांदगांव में वोटिंग होगी
इसी दिन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र चिरमिरी में बागेश्वर धाम महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कथा वाचन करेंगे। हद यह भी है कि आयोजन के पहले ही कथावाचक स्थल के प्रवेश द्वार पर लोकसभा प्रत्याशी सरोज पांडे के पोस्टर लग चुके हैं। दाएं तरफ स्वास्थ्य मंत्री की तस्वीर है, तो बाएं तरफ सरोज पांडे की।
अब सवाल यह है कि आचार संहिता के समय कथा वाचन का कराया जाना और इस तरह से प्रचारित किया जाना कि यह भाजपा नेताओं का आयोजन है… कितना सही है?

ऐसा लगता है मानो जनता के मुद्दे समाप्त हो चुके हैं और सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति ही बाकी रह गई है। हिंदू वोटर्स के वोट के ध्रुवीकरण का जमकर प्रयास चल रहा है।
ठीक चुनाव के दिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कथा वाचन पर सवाल उठना भी लाजमी है।

क्या खर्च जुड़ेगा प्रत्याशी के खाते में?- सवाल यह भी है कि लोकसभा चुनाव लड़ रही सरोज पांडे के पोस्टर स्वागत द्वार पर लगे हैं। एक तरह से लोगों से अपील है कि कथा वाचन को सुनने आएं, जोकि भाजपा के सौजन्य से है। वो स्वयं भी वहां मौजूद रहेंगी। ऐसे में निर्वाचन आयोग की नजर उन पर पड़ती है? इस आयोजन का खर्च पांडे जी के खाते में जुड़ेगा या नहीं? यह भी देखने वाली बात होगी। इस बात का प्रचार किया जा रहा है कि हजारों की संख्या में भक्त कथा सुनाने आएंगे, ऐसे में प्रशासन और निर्वाचन आयोग की भूमिका क्या होगी यह देखना होगा।

 

चरण दास महंत भी हुए नाराज- ऐसे में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत का नाराज होना भी लाजमी है। वह नाराज हों भी क्यों न, आखिर उनकी पत्नी ज्योत्सना महंत, सरोज पांडे के विरुद्ध कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। पीएम का सर फोड़ने वाला बयान देने के बाद चरण दास भाजपाइयों के एकदम से निशाने पर आ गए थे। इसके बाद वह बैकफुट पर हैं।
अब, जब कोरिया के चिरमिरी में बागेश्वर धाम का आयोजन हो रहा है, तब चरणदास का दर्द तो छलकना ही था। उनका कहना है कि धर्म के नाम पर वोट मांगना बेहद गलत बात है। हम भी सभी धर्म को मानते हैं, लेकिन चुनाव में धर्म का दुरुपयोग कभी नहीं किया।