सरोज ने डाला पकौड़ा रोजगार का फोटो… याद आया मोये जी का नारा हो रहा चरितार्थ… फिर किया डिलीट

सरोज ने डाला पकौड़ा रोजगार का फोटो… याद आया मोये जी का नारा हो रहा चरितार्थ… फिर किया डिलीट
रायपुर। मोये जी ने एक दफा कहा था कि देश का युवा बेरोजगार नहीं है। पकौड़ा तलना भी एक रोजगार है।
चुनाव के समय बुधवार को कोरबा लोकसभा से बीजेपी की प्रत्याशी सरोज पांडे ने भी समोसा तलते हुए एक फोटो अपने फेसबुक हैंडल से शेयर कर दिया। ऐसा लगया मानो मोये जी के नारे को सरोज चरितार्थ कर रही हों, कुछ लोगों ने इसे लपक लिया।
सोशल मीडिया टीम को लगा कि भाई गलती तो हो गई है।
मोये जी के युग मे रोजगार का पर्याय बन चुके पकौड़ा पोस्ट नहीं करना था। कम से कम पकौड़ा तलते हुए फोटो शेयर नहीं करना था। तत्काल इस पोस्ट को डिलीट किया गया, लेकिन तब तक यह फोटो फैल चुका था।
सरोज पांडे के नाम पर वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। छत्तीसगढ़ में वह लोकप्रिय हैं, उनके फॉलोअर्स की संख्या भी हजारों में है। फोटो भी हजारों लोगों तक पहुंच गई।
इस लोकसभा चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा लोगों के जुबान पर है। लेकिन भाजपा के बड़े नेता आते हैं और हमला पाकिस्तान पर करते हैं। ऐसे में पकौड़ा तलते हुए फोटो…. ऐसा लगा मानो मोये जी के स्लोगन को कोरबा की प्रत्याशी आगे बढ़ा रही हों और युवाओं को संदेश दे रहे हों कि पकौड़ा तलना भी रोजगार है। यही आने वाला कल है।
हालांकि उनकी मंशा यह नहीं थी, उन्होंने मूल फोटो शेयर करते वक्त लिखा था कि “ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रही हूं। लोगों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। एक ग्रामीण महिला ने बड़ी ही आत्मीयता से कहा कि मेरे साथ समोसा तलिये”।
अब पांडे जी के सोशल मीडिया को हैंडल करने वाली टीम को भी आत्ममंथन करना चाहिए और जिन लोगों ने मीडिया का प्रभार ले रखा है। उन्हें भी सोचने की जरूरत है, कि आधी लुटिया तो हम डुबो चुके हैं, रही सही कसर कैसे पूरी की जाए!
चुनाव में कम से कम इतना तो ध्यान रहे कि पकौड़ा रोजगार पोस्ट से दूर रहा जाए। स्थानीय कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं मिलने से समीकरण पहले बिगड़ रहा है। ऐसे में पकौड़ा रोजगार फोटो आग में घी का काम कर सकता है।