जूनियर केबीसी महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हाट सीट पर होंगे कोरबा के अर्जुन अग्रवाल

जूनियर केबीसी महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हाट सीट पर होंगे कोरबा के अर्जुन अग्रवाल
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के लिए यह गर्व का क्षण है कि जिले के डीपीएस स्कूल के 11 वर्षीय छात्र अर्जुन अग्रवाल को प्रसिद्ध टेलीविजन शो *कौन बनेगा करोड़पति* (केबीसी) में हॉट सीट पर बैठने का अवसर मिला है। अर्जुन अग्रवाल 4 नवंबर को *जूनियर केबीसी* के विशेष एपिसोड में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हाट सीट पर सवालों के जवाब देंगे, जिससे न केवल अर्जुन और उसके परिवार बल्कि पूरे कोरबा जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
कठिन ऑडिशन प्रक्रिया में अर्जुन ने हासिल की सफलता
छठी कक्षा के छात्र अर्जुन अग्रवाल ने केबीसी में हॉट सीट तक पहुंचने के लिए बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धी ग्राउंड ऑडिशन प्रक्रिया को पार किया है। देशभर के 540 छात्रों के बीच हुए इस ऑडिशन में अर्जुन ने अपने ज्ञान और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें यह सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।
अर्जुन के इस उपलब्धि से उसके परिवार वाले बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। अर्जुन के पिता मनीष अग्रवाल एनटीपीसी कोरबा परियोजना में डीजीएम (एमजीआर) के पद पर कार्यरत हैं और मां नेहा अग्रवाल एक गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार, अर्जुन का केबीसी में चयन उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है और यह उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
अर्जुन की उपलब्धि पर कोरबा जिले में उत्साह
अर्जुन अग्रवाल की इस उपलब्धि से कोरबा जिले के लोग बेहद उत्साहित हैं और उसे टीवी पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अर्जुन का केबीसी में जाना न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि कोरबा जिले के लिए भी गर्व का अवसर है। अर्जुन का हॉट सीट तक पहुंचना यह साबित करता है कि छोटे शहरों के बच्चे भी बड़े मंचों पर अपने हुनर का प्रदर्शन कर सकते हैं।अर्जुन के शिक्षक और स्कूल के अन्य छात्र भी उसकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन ने अर्जुन की इस सफलता को कोरबा जिले के लिए एक प्रेरणा माना है। डीपीएस के प्रिंसिपल ने बताया कि अर्जुन ने अपनी बुद्धिमत्ता और आत्मविश्वास से अपने सहपाठियों के लिए एक मिसाल कायम की है और आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है।
4 नवंबर को प्रसारित होने वाले *जूनियर केबीसी* एपिसोड में अर्जुन का प्रदर्शन देखना सभी के लिए रोमांचक होगा। यह निश्चित ही एक ऐसा क्षण होगा, जो न केवल अर्जुन के लिए बल्कि कोरबा के सभी नागरिकों के लिए गर्व का प्रतीक बनेगा।