कोरबा की अनदेखी पर सांसद महंत का रेलवे पर निशाना, बोलीं- 25 से ज्यादा चिट्ठियों के बाद भी नहीं जागा रेलवे
प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में रेल सुविधाओं से लेकर भू-विस्थापितों, रोजगार, स्वास्थ्य, पर्यटन और सड़क के मुद्दों पर खुलकर रखी बात
कोरबा। कोरबा लोकसभा की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने गुरुवार को ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में कोरबा सहित पूरे लोकसभा क्षेत्र से जुड़े रेल, भू-विस्थापन, रोजगार, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से अपनी बात रखी.
टीपी नगर प्रेस क्लब तिलक भवन में उन्होंने कहा कि अपने प्रथम संसदीय कार्यकाल से लेकर वर्तमान कार्यकाल तक वे क्षेत्र की समस्याओं और विकास के मुद्दों को लगातार सदन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाती रही हैं. लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है.
सांसद महंत ने कोरबा की रेल सुविधाओं को लेकर रेलवे और केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोरबा रेलवे को बड़ी मात्रा में राजस्व देने वाला क्षेत्र है. 25 से ज्यादा पत्र रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड को लिख चुकी हूं. लेकिन एक पत्र पर भी सुनवाई नहीं हुई, एक भी मांग नहीं मानी गई है. पूर्व मंत्री सहित विधायकों को लेकर अब सड़क पर उतरने की तैयारी है.
ट्रेनों के विस्तार, ठहराव और नई यात्री गाड़ियों के संचालन के मामले में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कोरोना काल में बंद हुई ट्रेनों को पुन: शुरू करने के लिए उन्होंने जीएम, डीआरएम और रेल मंत्री तक लगातार पत्राचार किया, लेकिन अभी तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिला. उन्होंने कहा कि रेलवे की प्राथमिकता क्या केवल कोयला परिवहन तक सीमित रह गई है? मंडल स्तरीय सांसदों की आगामी बैठक के लिए भी उन्होंने क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव भेजे हैं. सांसद ने एसईसीएल की परियोजनाओं से प्रभावित भू-विस्थापितों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि हरदीबाजार, अमगांव, चुरैल, पाली, पड़नियां सहित अनेक क्षेत्रों में ग्रामीणों की जमीन ली गई, लेकिन मुआवजा, नौकरी और बसाहट के मामले अब भी लंबित हैं.
प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक फूलसिंह राठिया, हरीश परसाई, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर और मनोज चौहान सहित अन्य उपस्थित रहे.
किसानों को मिलना चाहिए वर्तमान दर से मुआवजा :
सांसद ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले ग्रामीणों को कई बार लाठियां तक खानी पड़ीं और प्रभावित परिवारों के मकानों को बलपूर्वक खाली कराया जा रहा है. वर्षों बाद जमीन अधिग्रहित किए जाने की स्थिति में किसानों को वर्तमान दर के अनुरूप मुआवजा मिलना चाहिए. सर्वसुविधायुक्त बसाहट उपलब्ध कराना भी जरूरी है. नियमानुसार बसाहट की व्यवस्था किए बिना प्रभावित परिवारों के मकान तोड़ने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. पूरे छत्तीसगढ़ के जनहित के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए.
एसईसीएल के मेडिकल अनफिट कर्मचारियों के आश्रितों को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा भी सांसद ने उठाया. उन्होंने कहा कि लंबे समय से मेडिकल बोर्ड की बैठक नहीं होने से कर्मचारियों के आश्रितों के समक्ष परेशानी खड़ी है. उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए इस व्यवस्था को जल्द शुरू करने की मांग की.
धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने का प्रयास :
सांसद महंत ने कहा कि कोरबा के आसपास स्थित धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए वे लगातार प्रयास कर रही हैं. कनकी, चैतुरगढ़, कुदुरमाल, मड़वारानी, हनुमानगढ़ी, कोसगई और मातीन दाई सहित विभिन्न स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की गई है. उनकी अनुशंसा पर विभिन्न निधियों से कई स्थानों पर विकास कार्य भी कराए गए हैं.
सुनालिया अंडरब्रिज में देरी पर नाराजगी :
कोरबा की यातायात समस्या को गंभीर बताते हुए सांसद ने सुनालिया अंडरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी पर सवाल उठाया. इस मुद्दे को ईटीवी भारत नर भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है. समाचार का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि पूर्व में उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पहल की थी. 16 सितंबर को हुई दिशा समिति की बैठक में उन्होंने कलेक्टर से इस दिशा में उचित पहल करने को कहा है.
मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने का प्रयास सफल :
सांसद ने कहा कि कोरबा मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर और एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रयास किया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है. उनका प्रयास है कि पूरे लोकसभा क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो. मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की दिशा में हुई प्रगति के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं.
डैमेज कंट्रोल के लिए बनाया जा रहा है जन्मदिन :
प्रेसवार्ता में मौजूद पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने 17 सितंबर को दीया जलाने और पीएम मोदी का जन्मदिन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने प्रधानमंत्री काल के 25 वर्ष पूरे नहीं किए हैं. उन्हें प्रधानमंत्री बने अभी 12 वर्षी हुए हैं. ऐसे में जब 10 वर्ष पूरे हुए, तब यह आयोजन क्यों नहीं किया गया. इसका मतलब साफ है हाल ही में दिल्ली में जो आंदोलन हुए. उससे भाजपा की छवि खराब हुई है. प्रधानमंत्री की छवि को सुधारने के लिए डैमेज कंट्रोल करने के लिए भाजपा इस तरह के आयोजन कर रही है. एक तरफ पीएम लोगों को कहते हैं कि तेल खाना कम करो, तेल बचाओ और दूसरी तरफ दीया जलाकर तेल की बर्बादी की जा रही है. मैं पूछना चाहता हूं, यह दीया क्या पानी से जलेगा, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है. जो की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.





































