एक करोड़ रुपये के घूस लेने के मामले में फंसे ट्रेनी आईपीएस, भर्ती के समय इंटरव्यू में ₹500 की रिश्वत पर दिया था ज्ञान!
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने और एक साइबर फ्रॉड केस को रफा-दफा करने के मामले में फंसे हैं।
राहुल बंसल पर आरोप है कि छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सीएसपी (CSP) के तौर पर अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान उन्होंने एक साइबर फ्रॉड के मामले को दबाने या निपटाने के एवज में 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी और ली।
हवाला के जरिए लेनदेन: शिकायत के मुताबिक, यह पूरी रकम एक साथ नहीं बल्कि हवाला चैनलों के माध्यम से मई 2026 में 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में ट्रांसफर की गई थी।
अन्य आरोपी: इस मामले में अकेले राहुल बंसल ही नहीं, बल्कि उनके अलावा सरगुजा साइबर थाने में तैनात रहे सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
न्यायालय की कार्रवाई: शिकायतकर्ता ने इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों (जैसे व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग) के साथ दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत का रुख किया था। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और सीबीआई निदेशक से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तलब की है।
मॉक इंटरव्यू में ₹500 की रिश्वत पर कही थी यह बात : सिविल सेवा की तैयारी करते वक्त जिस शख्स ने मॉक इंटरव्यू में एक छोटे से काम के लिए 500 रुपये की रिश्वत मांगे जाने पर अपनी आपत्ति जताई थी. आज वही अधिकारी एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए हैं. दरअसल, 2022 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.वायरल हो रहे पुराने वीडियो में राहुल बंसल एक मॉक इंटरव्यू पैनल के सामने बैठे नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने देश में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक कमियों और पुलिस सुधारों पर खुलकर बात की थी.
वीडियो में बंसल ने एक पुराना वाकया याद करते हुए बताया था कि कैसे उनके भाई को आईआईटी कानपुर में पढ़ाई के दौरान एक रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन के सिलसिले में अमेरिका जाना था. इसके लिए उन्हें तुरंत बर्थ सर्टिफिकेट यानी जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत थी. बंसल का आरोप था कि उस वक्त एक पंचायत अधिकारी ने कागजात जल्दी तैयार करने के एवज में उनसे 500 रुपए की रिश्वत मांगी थी.इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ‘मुझे 500 रुपये की घूस देने में बहुत बुरा लगा था’. हालांकि, उसी इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा था कि व्यवस्था में कुछ लोग भ्रष्ट हो सकते हैं, लेकिन इस आधार पर पूरी व्यवस्था को गलत नहीं ठहराया जा सकता.









































































































