मिनीमाता बांगो बांध लबालब, 92.48% पहुंचा जलस्तर; गेट खुलने से पहले प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
कोरबा, 15 अगस्त 2026। लगातार बारिश के बीच कोरबा जिले के मिनीमाता हसदेव बांगो बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार रात 7.45 बजे तक जलाशय में जलभराव 92.48 प्रतिशत पहुंच गया। बांध में पानी की आवक लगातार जारी रहने से जल संसाधन विभाग ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। पानी की आवक और जलस्तर को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय बांध के गेट खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा सकता है।
बांध के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के किनारे तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि नदी और निचले इलाकों में जाने से बचें तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।
359.66 मीटर है पूर्ण जलाशय स्तर
मिनीमाता हसदेव बांगो बांध कोरबा जिले में हसदेव नदी पर स्थित प्रदेश की प्रमुख बहुउद्देशीय जल परियोजनाओं में शामिल है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार बांध की प्रभावी जलभराव क्षमता करीब 2,894.33 मिलियन घनमीटर है और इसका पूर्ण जलाशय स्तर 359.66 मीटर निर्धारित है। परियोजना का उपयोग सिंचाई के साथ-साथ जल विद्युत उत्पादन और विभिन्न क्षेत्रों को जल उपलब्ध कराने के लिए भी किया जाता है।
यही वजह है कि मानसून के दौरान बांध में पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाती है। जलस्तर निर्धारित सीमा के करीब पहुंचने पर बांध से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़कर जलाशय के दबाव को नियंत्रित किया जाता है।
पानी की आवक बढ़ी तो बढ़ सकता है डिस्चार्ज
हसदेव बांगो बांध के कार्यपालन अभियंता एसके भारती के अनुसार शुक्रवार रात 7.45 बजे तक जलाशय में जलभराव 92.48 प्रतिशत दर्ज किया गया। लगातार बारिश और जलाशय में बढ़ रही आवक को देखते हुए जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्षाकाल में आवश्यकता पड़ने पर बांध से हसदेव नदी में पानी प्रवाहित किया जा सकता है। ऐसे में नदी के निचले हिस्सों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
गांवों में मुनादी, संपत्तियां सुरक्षित रखने के निर्देश
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलियारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोड़ा, हथमार, झोरा और सिरकीकला सहित कई गांवों में चेतावनी जारी की है।
इन क्षेत्रों में मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में ग्रामीणों को समय रहते इसकी जानकारी मिल सके। प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्र में मौजूद चल-अचल संपत्तियों को भी सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए हैं।
खदानों और उद्योगों को भी सतर्क किया
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में संचालित खनिज खदानों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य संस्थानों को अपनी मशीनरी, उपकरण और जरूरी संसाधनों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य अचानक पानी छोड़े जाने की स्थिति में जान-माल और औद्योगिक संसाधनों को नुकसान से बचाना है।
पहले भी 90% से ऊपर पहुंचने पर खोले जा चुके हैं गेट
मिनीमाता बांगो बांध में मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर पहले भी नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा चुका है। सितंबर 2025 में जलस्तर 358.10 मीटर और जलभराव 90.71 प्रतिशत पहुंचने पर बांध के चार गेट खोलकर कुल 23,420 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में ही जलस्तर 91.83 प्रतिशत पहुंचने पर तीन गेट खोलकर नियंत्रित डिस्चार्ज किया गया था।
ऐसे में इस बार 92.48 प्रतिशत जलभराव के बीच विभाग की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि गेट खोलने का निर्णय तत्काल जलस्तर, पानी की आवक और मौसम की स्थिति के आकलन के आधार पर लिया जाएगा।
नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
फिलहाल प्रशासन की नजर बांध में बढ़ रही पानी की आवक पर है। यदि बारिश और आवक का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो हसदेव नदी में पानी छोड़े जाने की संभावना बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासनिक सूचना पर भरोसा करें और नदी, नालों तथा संभावित बाढ़ वाले निचले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आने वाले घंटों में जलस्तर व पानी की आवक के आधार पर अगला निर्णय लिया जा सकता है।




























