औद्योगिक क्षेत्र रिस्दी स्थित फैक्ट्री में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने घंटों कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
कोरबा: शहर के करीब स्थित औद्योगिक क्षेत्र रिस्दी में एक कार्बन फैक्ट्री में शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, आसमान में काफी दूर तक काले धुएं का गुबार छा गया. समय रहते सुरक्षा उपायों और सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया, शाम होते-होते दमकल ने आग पर काबू पा लिया था, नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
किसी भी मजदूर के हताहत होने की कोई सूचना नहीं हैप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री के भीतर अचानक तेज धमाके की आवाज़ आयी. जिसके बाद आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया. आग की लपटें इतनी तेज थी कि कुछ ही पलों में वह पूरे परिसर में फैल गई. काले रंग के धुएं का गुबार काफी दूर तक फैल गया दो-तीन किलोमीटर की दूरी से काले धुएं के गुबार को आसमान में उड़ता हुआ देखा जा सकता था.
मज़दूरों ने सूझबूझ से बचाई जान
घटना के वक्त फैक्ट्री के अंदर कई श्रमिक और कर्मचारी काम कर रहे थे. वहां मौजूद 30 से 40 मजदूरों ने सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. शुरुआती जानकारी के अनुसार, समय पर बाहर निकल जाने के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, जिससे प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली है.
घंटों की मशक्कत के दमकल ने पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रबंधन, पुलिस और दमकल विभाग को तुरंत इसकी जानकारी दी गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हुईं. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और घंटों की जद्दोजहद के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया.
आग लगने की वजह साफ नहीं
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हो पाया है. हालांकि शॉर्ट सर्किट या फैक्ट्री के बॉयलर में विस्फोट जैसी तकनीकी खराबी के चलते यह हादसा होने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं.
समय रहते मजदूर वहां से बचकर निकल गए थे. जिससे किसी भी मजदूर के हताहत होने की सूचना नहीं है. दमकल मौके पर काम कर रहे हैं, अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है- नीतिश सिंह ठाकुर, एडिशनल एसपी
बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री आयुष अग्रवाल नामक व्यक्ति की है. फिलहाल फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है. आग से हुए कुल वित्तीय नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है.









