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विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवती को म्यांमार के KK Park में बनाया बंधक, साइबर ठगी कराने वाले गिरोह की महिला गिरफ्तार

कोरबा पुलिस की कार्रवाई: बैंकॉक में ₹30 हजार मासिक वेतन वाली नौकरी का दिया था लालच, फर्जी सोशल मीडिया आईडी से निवेश के नाम पर ठगी कराने का आरोप

कोरबा। विदेश में अच्छी नौकरी और आकर्षक वेतन का सपना दिखाकर युवती को साइबर ठगी के जाल में फंसाने वाले गिरोह के खिलाफ कोरबा पुलिस ने कार्रवाई की है। थाना दर्री पुलिस ने इस मामले में कथित रूप से शामिल एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवती को बैंकॉक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर म्यांमार के KK Park पहुंचाया गया, जहां उसका पासपोर्ट जब्त कर उसे बंधक बनाया गया और ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया गया।

फेसबुक पर देखा नौकरी का विज्ञापन

पुलिस के अनुसार, दर्री निवासी पीड़िता ने फेसबुक पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में करीब 30 हजार थाई भाट प्रतिमाह वेतन मिलने की बात कही गई थी। विदेश में नौकरी पाने की उम्मीद में युवती ने विज्ञापन के माध्यम से संपर्क किया। आरोप है कि इसके बाद लीजा नाम की महिला और उसके साथियों ने उसे बेंगलुरु बुलाया और वहां से फ्लाइट के जरिए थाईलैंड ले गए।

सीमा पार कर म्यांमार के KK Park पहुंचाया

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, युवती को थाईलैंड से सीमा पार कराकर म्यांमार स्थित KK Park पहुंचाया गया। वहां कथित तौर पर उसका पासपोर्ट छीन लिया गया और उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने उसे फर्जी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से लोगों से संपर्क करने तथा ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर पैसे ठगने के लिए मजबूर किया।

इस तरह नौकरी की तलाश में विदेश गई युवती कथित तौर पर साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क के चंगुल में फंस गई।

भारतीय दूतावास की मदद से सुरक्षित वापसी

पुलिस के अनुसार, भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन की मदद से पीड़िता को सुरक्षित भारत वापस लाया गया। इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर थाना दर्री, जिला कोरबा में अपराध क्रमांक 331/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2) और 146 में मामला दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान कथित संलिप्तता सामने आने पर महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की निवासी स्नेहा भथलाल बडोले (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी महिला को न्यायालय में पेश कर रिमांड प्राप्त की है।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और डिजिटल नेटवर्क की जांच जारी

कोरबा पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल भी जारी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा नौकरी के नाम पर युवतियों को किस तरह अपने जाल में फंसाया जाता था।

साइबर जागरूकता अभियान के तहत पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत ऑनलाइन ठगी, फर्जी नौकरी के प्रस्तावों और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

विदेश में नौकरी तलाशने वालों के लिए जरूरी सावधानी: किसी भी विदेशी नौकरी के प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले भर्ती एजेंसी, कंपनी, वीजा और रोजगार अनुबंध की आधिकारिक पुष्टि करें। केवल सोशल मीडिया पर दिए गए विज्ञापन के आधार पर विदेश जाने का निर्णय न लें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना पासपोर्ट न सौंपें और संदिग्ध प्रस्ताव मिलने पर पुलिस को सूचना दें।