बांगो का पानी बढ़ा तो खुली सीतामणी की पोल, नदी किनारे बसे घरों में घुसा पानी
जलभराव से सहमे परिवारों ने रात में छोड़े घर, निगम आयुक्त ने किया निरीक्षण; 120 मकानों के सर्वे की तैयारी
कोरबा। मिनीमाता बांगो बांध के गेट खुलने और हसदेव नदी में पानी का बहाव बढ़ने के बाद कोरबा के सीतामणी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति ने नदी किनारे बसे मकानों की तस्वीर सामने ला दी है। सीतामणी के निचले हिस्से में करीब 20 घरों में पानी घुसने के बाद कई परिवार रात में ही अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और रिश्तेदारों के यहां चले गए।
रविवार शाम बांगो बांध के 9 गेट खोले जाने के बाद हसदेव नदी में पानी छोड़ा गया। इसके बाद दर्री क्षेत्र से भी पानी का बहाव बढ़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक रात करीब 11 से 12 बजे के बीच सीतामणी के निचले इलाकों में पानी घरों में पहुंचना शुरू हुआ। कुछ मकानों में पानी तीन से साढ़े तीन फीट तक भर गया।
रातोंरात खाली हुए कई घर
पानी बढ़ने के बाद लोगों ने सबसे पहले जरूरी सामान बाहर निकाला और घरों को खाली कर दिया। कई परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। अब प्रभावित परिवार पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वापस लौटकर घर और सामान को हुए नुकसान का आकलन कर सकें।
स्थानीय निवासी गोविंद ने बताया कि उनका मकान अपेक्षाकृत ऊंचाई पर होने के बावजूद रात करीब 12 बजे पानी घर के अंदर पहुंच गया था। सुबह तक उनके घर से पानी उतर गया, लेकिन निचले हिस्से में कई मकान अभी भी प्रभावित रहे।
वहीं हीराबाई ने बताया कि रात करीब 11 बजे उनके घर में कमर तक पानी भर गया था। अचानक पानी आने से घर का सामान बाहर नहीं निकाला जा सका। उनका कहना है कि पानी पूरी तरह उतरने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चल पाएगा।
नदी किनारे बने मकानों पर अब प्रशासन की नजर
सीतामणी में जलभराव के बाद अब नगर निगम ने हसदेव नदी के किनारे बने मकानों का सर्वे कराने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को निगम आयुक्त आशुतोष पांडे ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
आयुक्त ने बताया कि वार्ड नंबर 9 के मोतीसागर पारा क्षेत्र में हसदेव नदी के किनारे बड़ी संख्या में मकान बने हुए हैं। इनमें कई मकानों के अवैध निर्माण और अतिक्रमण की स्थिति सामने आई है। निगम के अनुसार करीब 120 मकानों का चिन्हांकन और सर्वे किया जाना है।
उन्होंने कहा कि सर्वे के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि क्षेत्र में कितने परिवार रह रहे हैं और कितने मकान जलभराव की जद में आते हैं। इसके बाद लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
पीएम आवास में शिफ्ट करने की तैयारी
निगम आयुक्त के मुताबिक शहर में पीएम आवास के कई मकान उपलब्ध हैं और उनमें कुछ मकान खाली भी हैं। नदी किनारे असुरक्षित स्थानों पर रह रहे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें पीएम आवास में शिफ्ट करने की योजना पर काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बारिश थमने के बाद इस दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल प्रभावित परिवारों की स्थिति और यहां रहने वाले लोगों की संख्या का सर्वे किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक भवन तैयार
नगर निगम की टीम ने सोमवार सुबह क्षेत्र में पहुंचकर साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के लिए दवा तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया। जिन परिवारों के घरों में पानी भर गया है, उनके लिए सामुदायिक भवन को भी तैयार रखा गया है।
निगम का कहना है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सामुदायिक भवन में ठहराया जाएगा। प्रशासनिक अमला लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बांध में बढ़ती आवक से बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के कारण मिनीमाता बांगो बांध में पानी की आवक बढ़ रही है। सोमवार को करीब 49,828 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई। बांध का जलस्तर 358.70 मीटर यानी करीब 94.24 प्रतिशत तक पहुंच गया था। पिछले 10 घंटे में जलस्तर में करीब 7 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बांध के 9 गेट खुले हैं और बारिश का दौर जारी रहने से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।
सीतामणी में मौजूदा जलभराव ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नदी के बेहद करीब बने असुरक्षित मकानों में रह रहे परिवारों को स्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर कब तक बसाया जाएगा। अब निगम के सर्वे और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है।

































